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इंदोर के राजा राघवानसी हत्याकांड में धार्मिक स्वभाव की पत्नी, लेकिन मोहल्ले में बिट्टी दीदी के रूप में जानी जाती थी
इंदोर (मध्य प्रदेश)। इंदोर के रजा राघुवंशी की हत्या के आरोपी पत्नी को देशभर में सोनम राघुवंशी के नाम से जाना जाता है, लेकिन मोहल्ले के लोगों के लिए वह सिर्फ बिट्टी दीदी है। यहां कोई उसे सोनम नहीं कहता। बड़े लोग उसे बिट्टी कहते हैं और छोटे लोग उसे बिट्टी दीदी कहते हैं।
सोनम ने अपने पति राजा को शिलॉग में एक षड्यंत्र के तहत ले गई और बाद में उसकी हत्या कराई। इस घटना के बाद भी पड़ोसी लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी बिट्टी ऐसा काम कर सकती है। मोहल्ले में वह काफी सक्रिय रहती थी। यहां के धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थी।
इलाके के लोग कहते हैं कि इतने धार्मिक स्वभाव की लड़की अपने पति की हत्या कराने की साजिश कैसे रच सकती है।
लोग बात करने में हिचके, इशारों से दिखा रहे घर
सोनम उर्फ बिट्टी की कुकर्म सामने आने के बाद इलाके के लोग भी चौंक गए हैं। वे अब सोनम के बारे में खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। इलाके के लोग बस सोनम के घर की तरफ इशारा करते हुए चुपचाप निकल जाते हैं। गली में हमेशा लगभग शांति ही रहती है। एक बार को शाम को कुछ बच्चे गली में क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन वे इस बात का ध्यान रखते हैं कि बॉल सोनम के घर की तरफ न जाए।
पड़ोसियों ने कहा- हमारी पूरी गली बदनाम हो गई
पड़ोसी बताते हैं कि सोनम को यह सब ख्याल कैसे आया, इतना तो हम बता ही नहीं सकते। वह पड़ोस में रह रही थी, इसलिए हमें मालूम है कि सोनम एक अच्छी लड़की थी। हम उसे बचपन से देख रहे हैं। वह धार्मिक कामों में हमारे साथ रहती थी। जब हम माताजी बैसाते, तो वह हमारे साथ पंडाल बनाती थी। हम उसे बचपन से यही देखते आए हैं। हम मोहल्ले में हम भागवत कथा करते हैं। आज उसके द्वारा किए गए गलत काम के चलते पूरी गली बदनाम हो रही है। लोग इसे बेहतरीन गली कहते हुए आते थे। कहते थे कि यहां का सभी लोग कितने अच्छे हैं, लेकिन आज उसने पूरी गली, मोहल्ले को बदनाम कर दिया।
सब मानते थे कि वह धार्मिक स्वभाव की थी
मोहल्ले में चर्चा के दौरान पता चला कि सोनम को डांस का शौक था। मोहल्ले में हर साल नवदुर्गा उत्सव मनाया जाता है, जिसमें सोनम उर्फ बिट्टी दीदी पूरे उत्साह से हिस्सा लेती थी। मोहल्ले की लड़कियों को गरबा सिखाने की जिम्मेदारी बिट्टी दीदी के हाथ में होती थी।
सोनम मोहल्ले में धार्मिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेती थी। पड़ोसियों के मुताबिक हम सभी मानते थे कि वह धार्मिक स्वभाव की है। पूरा परिवार भागवत कथा और भंडारा करने में पूरा सहयोग करता है।
गुम होने के चार दिनों बाद पता चला
सोनम और उसके पति राजा दोनों शिलॉग में गायब हो गए थे। घटना के चार दिनों बाद मोहल्ले को इसका पता चला। एक महिला पड़ोसी ने बताया कि अखबार में फोटो देखने के बाद मेरे बेटे ने कहा कि मम्मी, बिट्टी दीदी का वरराजा गायब हो गया है। बाद में मोहल्ले के पड़ोसियों ने अखबार पढ़ा और इस बारे में एक दूसरे से बात की।
महिला ने बताया कि सोनम की शादी का कार्ड उनके घर आ गया था, लेकिन शादी रेती मंडी में दूर थी। उसका पति देर से घर आ गया था, इसलिए वह शादी में नहीं जा सका। वह कहती है कि सौभाग्य से वह शादी में नहीं गया। नहीं तो हमें भी पाप लगता। हम तो सोच भी नहीं सकते कि हमारी बिट्टी यह कर सकती है। वह मोहल्ले में एक सामान्य लड़की की तरह जीवन जी रही थी। उसकी कोई चमकदार ज़िंदगी नहीं थी।
पिता देवी सिंह अब बेड रेस्ट पर
जब उनकी बेटी गायब हो जाती थी, तो पिता देवी सिंह दुबले-पतले थे। वह घर के बाहर कुर्सी पर बैठे रहते थे। वह लोगों को जवाब देते थे, लेकिन सोनम की गिरफ्तारी के बाद, वे भी चुप हो गए हैं। उन्होंने घर से बाहर निकलना भी लगभग बंद कर दिया है। अब वे घर के बाहर कुर्सी पर नहीं बैठते हैं और न ही बाहर किसी से बात करते हैं। वे कहते हैं कि वे हार्ट पेशेंट हैं।
सोनम के खिलाफ आरोप लगने के बाद उसकी हालत भी खराब हो गई है। वह घर के अंदर बेड रेस्ट पर है। अब घर के अंदर से किसी भी तरह की आवाज नहीं आती। सोनम के भाई गोविंद के घर में दो छोटे बच्चे भी हैं, लेकिन उनकी हलचल भी इस समय कम है। दूसरी ओर, बहन सोनम के गायब होने के बाद भाई गोविंद उसे खोजने शिलॉग गया था। गोविंद ने कई दिनों तक वहां अपनी बहन को ढूंढ़ा।
बाद में जब उसकी बहन ने उसे जानकारी दी कि वह गाजीपुर में है, तो वह उसे मिलने वहां पहुंच गया। हाल ही में गोविंद इंदौर लौटा और अगले दिन राजा के घर पहुंचा। जहां उसने राजा की मां से मुलाकात की और राजा के हत्यारों को सजा दिलाने के बारे में बात की। फिलहाल, गोविंद के घर में उसकी गतिविधि नहीं है। वह कब आता है और कब जाता है, यह किसी को मालूम नहीं है।
एक बार गोविंद घर से बाहर निकल जाने के बाद, वह जल्दी घर नहीं लौटता। गोविंद ने फोन पर लोगों से बात करने से भी परहेज किया है। गोविंद सिर्फ कुछ लोगों का फोन उठा रहा है। अर्थात, सोनम के पूरे परिवार ने फिलहाल खुद को सीमित कर लिया है। परिवार का कोई भी सदस्य मोहल्ले में सामान्य रूप से नजर नहीं आता।
भाई ने कहा- बहन ने अच्छी पढ़ाई की, लेकिन कहां से यह नहीं बताया
शिवानी सोनम के घर से कुछ ही दूर मोहल्ले में रहती है। शिवानी का कहना है कि वह सोनम के साथ स्कूल में पढ़ती थी। नवीन अकादमी, जो बाणगंगा इलाके के सुंदर नगर में है, वह यहां से 10वीं पास हुई। हालांकि, यह स्कूल करीब चार-पांच साल पहले बंद हो गई थी।
शिवानी ने सोनम के साथ 10वीं तक पढ़ाई की थी, लेकिन यह अभी तक पता नहीं चल सका कि सोनम ने आगे पढ़ाई की या नहीं। सोनम के भाई गोविंद ने भी इस सवाल का जवाब नहीं दिया। जब गोविंद से पूछा गया कि सोनम ने अपनी ग्रेज्युएशन कहां से की है, तो उसने कहा कि उसकी बहन ने अच्छी पढ़ाई की है, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि उसने पढ़ाई में क्या किया है और किस संस्थान से किया है।
सोनम के नाम से कई फेक आईडी बनाए गए
सोशल मीडिया पर सोनम रघुवंशी के नाम से कई फेक आईडी बनाए गए हैं। इंस्टा, फेसबुक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्जन से भी अधिक फेक आईडी दिखाई दे रहे हैं। सभी आईडी पर सोनम की तस्वीर लगाई गई है। कुछ आईडी पर अलग-अलग पोस्ट बनाई गई हैं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी कई तरह के मीम्स दिखाई दे रहे हैं।